My book quotes
  • Popular Stories
  • Latest Stories

"तकाज़ा मुझसे करती है, अपने हिस्से की सियाही, वो 'डायरी' जो 'सितम्बर' के बाद कोरी है !!"

तकाज़ा मुझसे करती है, अपने हिस्से की सियाही,
वो 'डायरी' जो 'सितम्बर' के बाद कोरी है !!

*तकाज़ा - Demand
#diary #Siyaahi #sitamber #Nojoto #nojotohindi #nojotoofficial

13 Love
2 Share

"तेरी हैवानियत की किस्सा किसी को बताती नही काश तु अपनों को यूं सताता नही"

तेरी हैवानियत की किस्सा
किसी को बताती नही 
काश तु अपनों को 
यूं सताता नही

# तेरी हैवानियत की किस्सा #

363 Love
3 Share

"ये धर्म के झगड़े अब तो छोड़ दो चलो इंसानियत के सारे रिश्ते जोड़ दे प्यार और अपनेपन का मीठा रस सबमे घोल दे ये सफरनामा जिंदगी का ऐसे ही मोड़ दे नफरत के सारे किस्से किसी गड्ढे में छोड़ दे चलो फिर से प्यार को प्यार से जीत ले मन मे हैं मूरत उस एक शक्ति की जो बसी हैं अपने दिल के एक द्वार में मत ढूंढ़ो उसे भेदभाव के इस अजूबे में ये करेगा तुम्हे बस भ्रमित तुम्हारे अपनो से चलो छोड़ो इस बेफिजूल बातों को अब तो चल लो सब मिलके करने फरियाद हिलमिल रहने को ये नाते जोडों अब तो सच्चे यार के साथ निभाने के"

ये धर्म के झगड़े अब  तो छोड़ दो
चलो इंसानियत के सारे रिश्ते जोड़ दे
प्यार और अपनेपन का मीठा रस सबमे घोल दे
ये सफरनामा जिंदगी का  ऐसे ही मोड़ दे
नफरत के सारे किस्से किसी गड्ढे में छोड़ दे
चलो फिर से प्यार को प्यार से जीत ले
मन मे हैं मूरत उस एक शक्ति की
जो बसी हैं अपने दिल के एक द्वार में
मत ढूंढ़ो उसे भेदभाव के इस अजूबे में
ये करेगा तुम्हे बस भ्रमित तुम्हारे अपनो से
चलो छोड़ो इस बेफिजूल बातों को
अब तो चल लो सब मिलके करने फरियाद हिलमिल रहने को
ये नाते जोडों अब तो सच्चे यार के साथ निभाने के

 

167 Love
2 Share

"जब से सयाना हुआ कुछ करने की ठानी मौके मिलते रहे औऱ में उन्हें छोड़ता गया FR choudhary osian"

जब से सयाना हुआ
कुछ करने की ठानी
मौके मिलते रहे
औऱ में उन्हें छोड़ता गया
                    FR choudhary osian

#

133 Love
3 Share

"किस्सा मुहब्बत का सरेआम लिख दिया, इश्क के कोरे पन्नों पे खुद को पाकीज़ा, और मुझे कितना बदनाम लिख दिया। इतनी शिद्दत से निभाई उसने बेवफ़ाई, देकर आज मेरी आँखों में गम औ आँसू, किसी ओर के दिल पे अपना नाम लिख दिया।"

किस्सा मुहब्बत का सरेआम लिख दिया,
इश्क के कोरे पन्नों पे खुद को पाकीज़ा,
और मुझे कितना बदनाम लिख दिया।
इतनी शिद्दत से निभाई उसने बेवफ़ाई,
देकर आज मेरी आँखों में गम औ आँसू,
किसी ओर के दिल पे अपना नाम लिख दिया।

#स्नेहा_अग्रवाल

109 Love