Dil wali subah Quotes
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"jinke jikarr ne itni tabahi mcha raki indino meri dhdkno ke shahar me .... agr kbhi vo khud chle aaye yha to kya hoga 😍😍"

jinke jikarr ne itni tabahi mcha raki indino meri dhdkno ke shahar me ....
agr kbhi vo khud chle aaye yha to kya hoga
😍😍

 

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"सुबह की पहली दुआ रात की आखिरी उम्मीद जैसे हो तुम मेरी ज़िंदगी मे हम मिले ना मिले साथ हो ना हो बात करें ना करें तक़दीर जैसे भी हो मगर मेरी ज़िन्दगी की हर दुआ में तुम हो ।।"

सुबह की पहली दुआ
रात की आखिरी उम्मीद
जैसे हो तुम मेरी ज़िंदगी मे
हम मिले ना मिले
साथ हो ना हो
बात करें ना करें
तक़दीर जैसे भी हो 
मगर मेरी ज़िन्दगी की
हर दुआ में तुम हो ।।

#nojotoquotes #nojotoshayri
#nojotopoems #nojotohindi #Life #Subah #sushmathakur #duaa

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"मैं परेशान नहीं तेरे बेवफा होने से। जमाना अभी बाकि है, दिल लगाने के लिये"

मैं परेशान नहीं तेरे बेवफा होने से।

जमाना अभी बाकि है,

दिल लगाने के लिये

Rakesh Kumar Ray Kanika Girdhari Mohammad Kamaluddin Chandan Kumar Shifa Khan

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"गजल इसलियें रखा है दिल जलाने के लियें तू भी आयेगा मगर जाने के लियें सोना चांदी की बात क्या करते हो तुम फूटी कोड़ी भी नहीं है जहर खाने के लियें इसलियें सांसों को फूंकता रहता हूँ कुछ तो चाहिए धुंए मे उड़ाने के लियें उसके कदमों मे सर ही चढ़ा आये जब और कुछ न मिला चढ़ाने के लियें क्या खुदा की इबादत जरूरी नही ऐ 'आलम' या इंसान है सिर्फ कमाने खाने के लियें मारूफ आलम"

गजल

इसलियें रखा है दिल जलाने के लियें
तू भी आयेगा मगर जाने के लियें
सोना चांदी की बात क्या करते हो तुम
फूटी कोड़ी भी नहीं है जहर खाने के लियें
इसलियें सांसों को फूंकता रहता हूँ
कुछ तो चाहिए धुंए मे उड़ाने के लियें
उसके कदमों मे सर ही चढ़ा आये 
जब और कुछ न मिला चढ़ाने के लियें
क्या खुदा की इबादत जरूरी नही ऐ 'आलम'
या इंसान है सिर्फ कमाने खाने के लियें

मारूफ आलम

गजल/शायरी

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"दिल से करो ख्वाइश तो होती है पूरी, तेरा मेरा प्यार नहीं है कोई मजबूरी। महकती हूँ तेरी साँसों में हर घड़ी, हर पहर, ये है महोब्बत की खुशबू,न समझ कस्तूरी वस्ल की आस में जो बांधा धागा तूने प्रेम का, जुदाई को अपनी न समझ तू मेरी रंजूरी। तू बन जा कलम और मैं स्याही बन जाऊँ तेरी हर ग़ज़ल,हर नज़्म होगी मुझी से पूरी। स्नेहा को खुद से यूँ समझ न खुद से जुदा, बन गई मैं तेरी मुकद्दर, नहीं रहे कहानी अधूरी।"

दिल से करो ख्वाइश तो होती है पूरी,
तेरा मेरा प्यार नहीं है कोई मजबूरी।

महकती हूँ तेरी साँसों में हर घड़ी, हर पहर,
ये है महोब्बत की खुशबू,न समझ  कस्तूरी

वस्ल की आस में जो बांधा धागा तूने प्रेम का,
जुदाई को अपनी न समझ तू मेरी रंजूरी।

तू बन जा कलम और मैं स्याही बन जाऊँ
तेरी हर ग़ज़ल,हर नज़्म होगी मुझी से पूरी।

स्नेहा को खुद से यूँ समझ न खुद से जुदा,
बन गई मैं तेरी मुकद्दर, नहीं रहे कहानी अधूरी।

#स्नेहा _अग्रवाल
#मैं अनबूझ पहेली

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