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"इश्क़ में हवस की तलवार उठा रखी है,आजकल आशिक़ों ने मोहब्बत के नाम पे मोहब्वत जला रखी है।"

इश्क़ में हवस की तलवार उठा रखी है,आजकल आशिक़ों ने मोहब्बत के नाम पे मोहब्वत जला रखी है।

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"💔Jo dekh ke tujhe hansti💔 💔Thi meri ankhe💔 💔Wo aaj tere didar💔 💔Ki moti ban gai hai💔"

💔Jo dekh ke tujhe hansti💔
                     💔Thi meri ankhe💔
                           💔Wo aaj tere didar💔
                                 💔Ki moti ban gai hai💔

#Teri yaad#

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"लिखने से ज्यादा लोगो को लिखने वालियों से प्यार हो रहा है,बिना पढ़े शायरियों का कारोबार हो रहा हैं. हो रही है झूठी वाहवाही यहाँ दर्द लिखने के बहाने दूसरों की खुशियों का शिकार हो रहा है. बंट रहे है नंबर प्रसाद की तरह फ्री डाटा का ये कैसा अत्याचार हो रहा है. लड़कियां भी कहाँ कम है लाइक के लिए उनका दिल भी सबके आगे लाचार हो रहा है. दिया था जो तौफा नोजोटो ने हुनरमंदों को हुनर आजमाने को उसी तौफे का अब बंटाधार हो रहा है. चले गए वो हुनरमंद बेबस होकर जो अपनी लेखनी से दिल मोहा करते थे,अब तो बस नासमझी के लैला मजनुओं का तैयोहार हो रहा है. अपने नाम के साथ चिपका चिपका आते है मोबाइल नंबर यहाँ के ग़ालिब,नाजाने इनको कोनसे इश्क़ का इंतज़ार हो रहा है। लिखने को भी नहीं रहा अब अमन की क़लम में जोश,ये पगला भी अब इसी भीड़ में शुमार हो रहा है।"

लिखने से ज्यादा लोगो को लिखने वालियों से प्यार हो रहा है,बिना पढ़े शायरियों का कारोबार हो रहा हैं.
हो रही है झूठी वाहवाही यहाँ दर्द लिखने के बहाने दूसरों की खुशियों का शिकार हो रहा है.
बंट रहे है नंबर प्रसाद की तरह फ्री डाटा का ये  कैसा अत्याचार हो रहा है.
लड़कियां भी कहाँ कम है लाइक के लिए उनका दिल भी सबके आगे लाचार हो रहा है.
दिया था जो तौफा नोजोटो ने हुनरमंदों को हुनर आजमाने को उसी तौफे का अब बंटाधार हो रहा है.
चले गए वो हुनरमंद बेबस होकर जो अपनी लेखनी से दिल मोहा करते थे,अब तो बस नासमझी के लैला मजनुओं का तैयोहार हो रहा है.
अपने नाम के साथ चिपका चिपका आते है मोबाइल नंबर यहाँ के ग़ालिब,नाजाने इनको कोनसे इश्क़ का इंतज़ार हो रहा है।
लिखने को भी नहीं रहा अब अमन की क़लम में जोश,ये पगला भी अब इसी भीड़ में शुमार हो रहा है।

शायर होना हर किसी के बस की बात नही शायर सिर्फ अपनी क़लम से प्यार करता है 80 percent nojoto पे सिर्फ flirting चल रही जब मैं join किया था तब लड़कियां comment k थैंक्स का भी जवाब नही देती थी और आजकल चाहे पूरा दिन उनके comment box मे बैठे रहो, लड़के भी पहले जो अच्छा लिखते थे आधे से ज्यादा अब इसी भेड़चाल में पड़े है में भी पड़ा था नो doubt but में निकल गया इन sabse। एक बात सबको में conferm kardu nojoto सिर्फ आपके हुनर आपकी lekhni ko तरासने के लिए है,में persnoly आधे लड़के लड़कियों के बारे जानता हूं ek ek लड़क

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"ये जो शोर बढ़ता जा रहा,मेरी घुटन बढ़ा रहा है मौत का तमाशा जो है ये, मेरी जीने की चाह घटा रहा है इस कदर तबाह हुआ है मेरा दिन,कि कल फिर जागने का डर सांसें चढ़ा रहा है सांसें कैद ही लगती है झोंको में कि हवाओं का असर खत्म होता जा रहा है आशियानें तो खुद उजड़ कर चुका हूं, मैं इन सायों पर कैसा हक जता रहा हूं मेरे जीत के निशान दिखाई देते हैं तुम्हें और मैं आईनों से अक्स समेट नहीं पा रहा हूं सफर आधा है या ये शुरुआत है सच कहो मेरे बाद किसी के जीने के कितने आसार हैं इतनी खुबसूरती से चमकती रही अब तक,जलन नहीं काली राख उड़ी तो आग का एहसास है हर सुबह उठने वाले बढ़ते जा रहे हैं, तसल्ली भरी आंखों में मुझे रात गुजारने का इंतजार है वादे तो तुझसे पहले से भी करने वाले हैं मेरे पास पर तेरी तो खामोशी से मुझे सरोकार है जिंदगी तो है खुद की भी पड़ी अभी बहुत लम्बी है,पर जिंदा हूं कब तक रहूं ये ही सवाल है"

ये जो शोर बढ़ता जा रहा,मेरी घुटन बढ़ा रहा है
मौत का तमाशा जो है ये, मेरी जीने की चाह घटा रहा है
इस कदर तबाह हुआ है मेरा दिन,कि कल फिर जागने का डर सांसें चढ़ा रहा है
सांसें कैद ही लगती है झोंको में कि हवाओं का असर खत्म होता जा रहा है
आशियानें तो खुद उजड़ कर चुका हूं, मैं इन सायों पर कैसा हक जता रहा हूं
मेरे जीत के निशान दिखाई देते हैं तुम्हें और मैं आईनों से अक्स समेट नहीं पा रहा हूं
सफर आधा है या ये शुरुआत है सच कहो मेरे बाद किसी के जीने के कितने आसार हैं
इतनी खुबसूरती से चमकती रही अब तक,जलन नहीं काली राख उड़ी तो आग का एहसास है
हर सुबह उठने वाले बढ़ते जा रहे हैं, तसल्ली भरी आंखों में मुझे रात गुजारने का इंतजार है
वादे तो तुझसे पहले से भी करने वाले हैं मेरे पास पर तेरी तो खामोशी से मुझे सरोकार है
जिंदगी तो है खुद की भी पड़ी अभी बहुत लम्बी है,पर जिंदा हूं कब तक रहूं ये ही सवाल है

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"Entropy Degree of Randomness With art / poetry / or self If you are predictable you can be gamed Be predictable with organized randomness"

Entropy
Degree of Randomness

With art / poetry / or self

If you are predictable
you can be gamed

Be predictable with organized randomness

 

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