Alfaaz shayari
  • Popular Stories
  • Latest Stories

"#Pehlealfaaz बड़ी मुश्किल से भूला था मैं गुज़रे हुए कल को, एक रोते हुए बेबस को देखा किस्सा ही बदल गया।"

#Pehlealfaaz   बड़ी मुश्किल से भूला था मैं गुज़रे हुए कल को,
एक रोते हुए बेबस को देखा किस्सा ही बदल गया।

#Pehlealfaaz
innocent jabbar Shahaikh 📚Rubby Shah..writer📖✍ Yaseen Mahi Gulam a Mustafa #wod #सनम #compliment #nojotoofficial #Life #Motivation #Quotes #faiziqbal #Thinking #गुरूर #ज़ालिम #सादगी #इश्क़ #मोहब्बत #javedanwerkhan #nojoto #nojotohindi #Sun #Nojoto #poem #feelings #शायरीमित्र #byroshi #Love #khyali_ishq #khyala_quote #Ishq_रोज़ाना #Poetry

293 Love
12 Share

"#Pehlealfaaz आखिर क्यों? एक दिन थी मैं सोई हुई, सपनों में खोई हुई सहसा एक परी आई,मुझे देख वह मुस्काई किरण तू क्यों है उदास? मुझे बता सारी बात तेरी समस्या सु्लझाऊँगी,जो पूछेगी बतलाऊँगी एक बात बताओ परी रानी,क्यों लड़ रहे हैं भाई-भाई ? क्या भुला चुके हैं वो ! हमने कैसे थी आजादी पाई ? क्यों भुला दिया बापू नेहरु को ?क्यों भुला दी गईं लक्ष्मी बाई ? क्या भूल चुके हम संदेश नायडू का, मिलके रहो तुम भाई-भाई बता तू ही क्यों हमने माँ इंदिरा की हत्या की बता सकती हो अब तक देश में, कितनी खून की नदियाँ बहीं? बता सकती हो कितनी साजिशें, देशद्रोहियों ने मिल शत्रु से की कुछ टकों के लालच में फंस ,देश के प्रति गद्दारी की इन सब प्रश्नों के उत्तर, दे सकती हो तो दे दो अब नहीं तो वापिस चली जाओ,अपने देश की धरती पर"

#Pehlealfaaz आखिर क्यों?
 
एक दिन थी मैं सोई हुई, सपनों में खोई हुई 
सहसा एक परी आई,मुझे देख वह मुस्काई
किरण तू क्यों है उदास? मुझे बता सारी बात 
तेरी समस्या सु्लझाऊँगी,जो पूछेगी बतलाऊँगी 
एक बात बताओ परी रानी,क्यों लड़ रहे हैं भाई-भाई ?
क्या भुला चुके हैं वो ! हमने कैसे थी आजादी पाई ?
क्यों भुला दिया बापू नेहरु को ?क्यों भुला दी गईं लक्ष्मी बाई ?
क्या भूल चुके हम संदेश नायडू का, मिलके रहो तुम भाई-भाई
बता तू ही क्यों हमने माँ इंदिरा की हत्या की 
बता सकती हो अब तक देश में, कितनी खून की नदियाँ बहीं? 
बता सकती हो कितनी साजिशें, देशद्रोहियों ने मिल शत्रु से की
कुछ टकों के लालच में फंस ,देश के प्रति गद्दारी की 
इन सब प्रश्नों के उत्तर, दे सकती हो तो दे दो अब
नहीं तो वापिस चली जाओ,अपने देश की धरती पर

मेरी पहली कविता,जब मैं कक्षा सातवीं में पढ़ती थी. उस समय देश में आतंकवाद उग्र रूप धारण कर चुका था बस इसी व्यथा ने इस कविता को जन्म दिया.

आखिर क्यों?

एक दिन थी मैं सोई हुई
सपनों में खोई हुई
सहसा एक परी आई
मुझे देख वह मुस्काई

149 Love
7 Share

"#Pehlealfaaz पहले, अल्फ़ाज़..कुछ यूँ थे हमारे नहीं है कोई, अब तुम्ही हो हमारे कि दिल आ गया है ये तुम पर हमारा न जी पाएँगे हम, बिना अब तुम्हारे पहले, अल्फ़ाज़.. कुछ यूँ थे हमारे नहीं है कोई, अब तुम्हीं हो हमारे अगर ना कमी हो तो तुम ना-न करना चलो! क्यूँ न हम, संग जीवन गुजारें पहले, अल्फ़ाज़..कुछ यूँ थे हमारे नहीं है कोई, अब तुम्ही हो हमारे #er.prayatnsingh"

#Pehlealfaaz पहले, अल्फ़ाज़..कुछ यूँ थे हमारे
नहीं है कोई, अब तुम्ही हो हमारे

कि दिल आ गया है ये तुम पर हमारा
न जी पाएँगे हम, बिना अब तुम्हारे

पहले, अल्फ़ाज़.. कुछ यूँ थे हमारे
नहीं है कोई, अब तुम्हीं हो हमारे

अगर ना कमी हो तो तुम ना-न करना
चलो! क्यूँ न हम, संग जीवन गुजारें

पहले, अल्फ़ाज़..कुछ यूँ थे हमारे
नहीं है कोई, अब तुम्ही हो हमारे
               #er.prayatnsingh

#pahlealfaaz
#पहलेअल्फ़ाज़
#erprayatnsingh
#nojotohindipoetry
#hindipoetry
#heartlines
#lovepoetry

119 Love
4 Share

"कुछ टूटे हुए कांच के टुकड़ो सा दिल , कुछ बिखरे हुए से अल्फ़ाज़ , हृदय के भीतर तक कचोटता, मरोड़ता दर्द , आँखों में काजल की तरह सजता हुआ इंतिजार , कभी भी हिज्र में बरस पड़ते आंसूं, एक शाख से अलग हुई डाली , एक सूखा बिखरा हुआ सा गुलाब , एक लम्हे में थमी हुई घडी , एक भावनाओं से भरी पर कुछ न कह सकने वाली एक डायरी, एक उलझी हुई सी रौशनी की लड़ी , एक कागजों में बिखरी हुई स्याही , एक सच दिखाता दर्पण , और चेहरे पर सजती एक बनावटी सी मुस्कान , sonamkuril हम्म.. इन सब को मिलाकर बनती हुई सी मैं, और मेरे यादों का एडिट बॉक्स ."

कुछ टूटे हुए कांच के टुकड़ो सा दिल ,
कुछ बिखरे हुए से अल्फ़ाज़ ,
हृदय के भीतर तक कचोटता, मरोड़ता दर्द ,
आँखों में काजल की तरह सजता हुआ इंतिजार ,
कभी भी हिज्र में  बरस पड़ते आंसूं,
एक शाख से अलग हुई डाली ,
एक सूखा बिखरा हुआ सा गुलाब ,
एक लम्हे में थमी हुई घडी ,
एक भावनाओं से भरी पर कुछ न कह सकने वाली एक डायरी,
एक उलझी हुई सी रौशनी की लड़ी ,
एक कागजों में बिखरी हुई स्याही ,
एक सच दिखाता दर्पण ,
और चेहरे पर सजती एक बनावटी सी मुस्कान ,
                                sonamkuril
हम्म..
इन सब को मिलाकर बनती हुई सी मैं,
और मेरे यादों का एडिट बॉक्स .

#editbox

101 Love

"#Pehlealfaaz सफर में कुछ लोग मिले, लोग मिले कि रोग मिले , खालीपन जो भरने आए , आंखे भर कर छोड़ गए, अब गजलें हैं,जगजीत है ।। कट रही जो रीत है, जिंदगी की गीत है ।"

#Pehlealfaaz सफर में कुछ लोग मिले, 
लोग मिले कि रोग मिले ,
खालीपन जो भरने आए ,
आंखे भर कर छोड़ गए,
अब गजलें हैं,जगजीत है ।।
कट रही जो रीत है,
जिंदगी की गीत है ।

#zindagikigeet

89 Love
4 Share