Morning Shayari
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"भोर का पंछी भोर का पंछी निकले गगन की राह में नीड़ो को सजाने की चाह में हर भोर निकले नई राहों को आज़माने फिज़ाओं को संगीतमय बनाने घरों के आँगन में खुशियाँ लाने"

भोर का पंछी भोर का पंछी निकले
गगन की राह में
नीड़ो को सजाने की चाह में
हर भोर निकले
नई राहों को आज़माने
फिज़ाओं को संगीतमय बनाने
घरों  के आँगन में खुशियाँ लाने

#Panchi

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"भोर का पंछी Bhoor ka panchi tha main..... tune sabse alag kiya... kabhi akela ni rehta tha main ek pedd par tune aasmaan se main sabse alag kiya..."

भोर का पंछी Bhoor ka panchi tha main.....
tune sabse alag kiya...
kabhi akela ni rehta tha main ek pedd par
tune aasmaan se main
sabse alag kiya...

#Panchi

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"भोर का पंछी है किसी तलाश में किसी अपने की चाह में किसी पराए को छोड़ने की फिराक में। भोर का पंछी.... जिंदगी से हारकर भी जीतने की तलाश में, सब कुछ खोकर भी कुछ पाने के ख्वाब में। भोर का पंछी....... वजूद ढूंढने की तलाश में, जो अपने होके भी अपने ना रहे उन्हें खोने की तलाश में अपना हक पाने की तलाश में दूजे का हक देने की तलाश में। भोर का पंछी........ हर इंसान पंछी बनने की चाह में, इंसानियत को खोने के ख़्वाब में, जो एक दूसरे के अस्तित्व के पूरक हैं एक दूसरे से भागने की तलाश में। भोर का पंछी......... प्रतिभा❤✍ ........"

भोर का पंछी  है किसी तलाश में
किसी अपने की चाह में 
किसी पराए को छोड़ने की 
फिराक में।
                      
भोर का पंछी....

जिंदगी से हारकर भी
जीतने की तलाश में,
सब कुछ खोकर भी
कुछ पाने के ख्वाब में।

भोर का पंछी.......

वजूद ढूंढने की तलाश में,
जो अपने होके भी अपने ना रहे
उन्हें खोने की तलाश में
अपना हक पाने की तलाश में
दूजे का हक देने की तलाश में।

भोर का पंछी........

हर इंसान पंछी बनने की चाह में,
इंसानियत को खोने के ख़्वाब में,
जो एक दूसरे के अस्तित्व के पूरक हैं
एक दूसरे से भागने  की तलाश में।

भोर का पंछी......... प्रतिभा❤✍


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#भोर का पंछी

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"भोर का पंछी अगर मैं एक पक्षी होता भोर में आशियाना से जाकर उड़ता.., मनुष्य के गुण मुझ में नहीं होता, मैं ईर्ष्या में नहीं जलता.! जन-जन को प्यार के गीत सुनाता, जब सारा जग मेरा होता.!!"

भोर का पंछी  अगर मैं एक पक्षी होता भोर में आशियाना से जाकर उड़ता..,
मनुष्य के गुण मुझ में नहीं होता,
 मैं ईर्ष्या में नहीं जलता.! जन-जन को प्यार के गीत सुनाता, जब सारा जग मेरा होता.!!

#Panchi

102 Love

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"भोर का पंछी Me likhungi khat hath se dil se tum padh lena safed kagaz par laal syahi or meri mohhabat ko apni daraz me tum rakh lena"

भोर का पंछी Me likhungi khat hath se 
dil se tum padh lena
safed kagaz par laal syahi
or meri mohhabat ko
apni daraz me tum rakh lena

#Panchi #Lipsitalips #sugarlips #Lips #Astitva #Vidushi

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