Diwali Shayari
  • Popular Stories
  • Latest Stories

"आओ दीप जलायें दीपों की श्रृंखला कुछ यूँ फैलायें अंधकार पर प्रकाश असत्य पर सत्य का विजय पताका लहराए हर कोना रामराज्य बन जाए रौशन हो घर मोहब्बत के दीप से आओ एेसे दीपों की श्रृंखला फैलायें"

आओ दीप जलायें दीपों की श्रृंखला कुछ यूँ फैलायें
अंधकार पर प्रकाश
असत्य पर सत्य का विजय पताका लहराए
हर कोना रामराज्य बन जाए
रौशन हो घर मोहब्बत के दीप से
आओ एेसे दीपों की श्रृंखला फैलायें

#Diye#happydiwali

259 Love
1 Share

"आओ दीप जलायें आओ दीप जलाएं मिलकर खुशियाँ मनाये, जो भूल गए है राह उन्हें सही रास्ता दिखायें, अँधेरी रात में दीप जलाकर उम्मीद दिखलायें, जो रूठे थे अँधेरे में उन्हें दीप जलाकर मनायें ।"

आओ दीप जलायें आओ दीप जलाएं मिलकर खुशियाँ मनाये, 
जो भूल गए है राह उन्हें सही रास्ता दिखायें,
अँधेरी रात में दीप जलाकर उम्मीद दिखलायें,
जो रूठे थे अँधेरे में उन्हें दीप जलाकर मनायें ।

#Diye
#Diwali
#you
#Love
#Emotion
#Yaden

136 Love
2 Share

"आओ दीप जलायें कर कुछ रोशनी सरहद के नाम आओ दीप जलायें बुलंद आवाज़ में कर सलाम आओ दीप जलायें किसी झोपड़ी में रख आना थाल में भर मिठाई किसी गरीब का हाथ थाम आओ दीप जलायें कुछ शोहदो ने खूबसूरती पर तेज़ाब गिराया था करें उन झुलसे चेहरो को प्रणाम आओ दीप जलायें चिड़ियों का चहकना चीखों में बदल आये दरिंदे कस कर अब जुल्म पर लगाम आओ दीप जलायें राम दीये ले आना और रहीम तुम बाती तेल लाओ जगमगा दें हिन्दूस्तान की शाम आओ दीप जलायें आमिल"

आओ दीप जलायें कर कुछ रोशनी सरहद के नाम आओ दीप जलायें
बुलंद आवाज़ में कर सलाम आओ दीप जलायें

 किसी झोपड़ी में रख आना थाल में भर मिठाई
किसी गरीब का हाथ थाम आओ दीप जलायें

कुछ शोहदो ने खूबसूरती पर तेज़ाब गिराया था 
करें उन झुलसे चेहरो को प्रणाम आओ दीप जलायें

चिड़ियों का चहकना चीखों में बदल आये दरिंदे
कस कर अब जुल्म पर लगाम आओ दीप जलायें 

राम दीये ले आना और रहीम तुम बाती तेल लाओ
जगमगा दें हिन्दूस्तान की शाम आओ दीप जलायें

आमिल

m sochta hu ki ye shabd mere sab tak pohache taki hindustaan jagmagaaye
😇😇😇😇😇😇😇😇😇

Kr kuch roshni sarhadd ke naam aao deep jalaaye
Buland awaaz m kr slaam aao deep jalaaye

Kisi jhopdi m rakh aana thaal m bhar kr mithai
Kisi gareeb ka hath thaam aao deep jalaaye

119 Love
2 Share

"आओ दीप जलायें आओ फिर से संग मिलकर दिप जलाएं, बुझी हुई बाती फिर से जलाएं..! भागम भाग जिंदगी, मोह जाल में न जाए!! पारंपरिक अंदाज संग उत्सव मनाएं!!!"

आओ दीप जलायें आओ फिर से संग मिलकर दिप जलाएं, बुझी हुई बाती फिर से जलाएं..!
 भागम भाग जिंदगी, मोह जाल में न जाए!! पारंपरिक  अंदाज  संग  उत्सव  मनाएं!!!

#Diye

99 Love

"आओ दीप जलायें आओ मिलकर दीप जलायें , प्रेम राग का अलख जगायें , ज्ञान ज्योति प्रकाश फैलाकर, आओ उर का तिमिर मिटायें ।१। आओ मिलकर दीप जलायें... सर्व जनहित संकल्प उठायें , जाति-पात का भेद मिटायें , क़लमकार ऊंच नीच की दीवार मिटाकर , बंधुत्व थाल में प्रेम सजायें ।२। कवि राहुल पाल आओ मिलकर दीप जलायें ..... देशहित में जो क़ुर्बान हुए हैं , उनके प्रति श्रद्धा भाव जगायें , ज्योति पुंज प्रतीक खुशी का , हर्षोल्लास से सब पर्व मनायें ।३। आओ मिलकर दीप जलायें ...."

आओ दीप जलायें  आओ मिलकर दीप  जलायें ,
प्रेम राग का अलख जगायें ,
 ज्ञान ज्योति  प्रकाश फैलाकर,
      आओ उर का तिमिर मिटायें ।१।
  आओ मिलकर दीप जलायें...

 सर्व जनहित संकल्प उठायें ,
                             जाति-पात का भेद मिटायें ,            क़लमकार 
  ऊंच नीच की दीवार मिटाकर ,
                                   बंधुत्व थाल में प्रेम सजायें ।२।        कवि राहुल पाल  
    आओ मिलकर दीप जलायें .....

देशहित में जो क़ुर्बान हुए हैं ,
 उनके प्रति श्रद्धा भाव जगायें ,
 ज्योति पुंज प्रतीक खुशी का ,
       हर्षोल्लास से सब पर्व मनायें ।३।  
    आओ मिलकर दीप जलायें ....

#Diye
आओ मिलकर दीप जलायें ,
प्रेम राग का अलख जगायें ,
ज्ञान ज्योति प्रकाश फैलाकर,
आओ उर का तिमिर मिटायें ।१।
आओ मिलकर दीप जलायें...

सर्व जनहित संकल्प उठायें ,

96 Love
1 Share