rain quote
  • Popular Stories
  • Latest Stories

"Don't compare yourself to others because everyone is unique in the world"

Don't compare yourself to others because everyone is unique in the world

#Love #Inspiration #encourage

183 Love
12 Share

"गुनहगार हूँ खुद का दुनिया के लिए जीते जीते खुद को कही खो दिया"

गुनहगार हूँ खुद का 
दुनिया के लिए जीते जीते 
खुद को कही खो दिया

#nojoto #nojotohindi

107 Love
9 Share

"मैं मृत्यु से भयभीत नहीं, आखिर तक किसको जाना है । अभी एक सदी हे किस्मत में , या पल में ही मर जाना है ? है तकदीरो का ईश्क पिया , यहां पिया न जाने कौन हुआ ? आँखो से रिश्ते जोड़ेंगे ; बातों से जी भर जाना है ! हम एक दौर के आशिक है सोच समझ के करना ईश्क पिया !! मुझे आखिर तक आते आते ,जन्नत को जी कर जाना है | तुझको बाहों में भरना है तेरी बाहों में मरना है ! सिसक में तेरी आहो के , तेरे भीतर जाना है | पल भर को सजदा करता हूं ,सजदे को ढोंग समझता हूं ? आखिर में सब खो -पाकर , रब के ही घर जाना है |"

मैं मृत्यु से भयभीत नहीं, आखिर तक किसको जाना है । 
अभी एक सदी हे किस्मत में , या पल में ही मर जाना है ?

है तकदीरो का ईश्क पिया , यहां पिया न जाने कौन हुआ ?
आँखो से रिश्ते जोड़ेंगे ; बातों से जी भर जाना है !

हम एक दौर के आशिक है सोच समझ के करना ईश्क पिया !!
मुझे आखिर तक आते आते ,जन्नत को जी कर जाना है |

तुझको बाहों में भरना है तेरी बाहों में मरना है !
सिसक में तेरी आहो के , तेरे भीतर जाना है |

पल भर को सजदा करता हूं ,सजदे को ढोंग समझता हूं ?
आखिर में सब खो -पाकर , रब के ही घर जाना है |

#मृत्यु #आखिर #दर्द #घर #रब #बाँहों #nojotohindi

101 Love
6 Share

"जो तू मिले तो जन्नत न गवारा हो मुझे ना ख्वाहिश गैर की जो तेरा सहारा हो मुझे तुझे नाम दिया है मैंने "पाख इश्क़" का फिर कैसे कह दूँ... इश्क़ दुबारा हो मुझे..."

जो तू मिले तो जन्नत 
                न गवारा हो मुझे
ना ख्वाहिश गैर की 
                जो तेरा सहारा हो मुझे
तुझे नाम दिया है 
                मैंने "पाख इश्क़" का
फिर कैसे कह दूँ...
                इश्क़ दुबारा हो मुझे...

#पाख_इश्क़ #Mahima #seher

96 Love
2 Share

"वो कहतें हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे तो क्यों फिर जिन रास्तों सें हम गुजरते हैं उन रास्तों पे वो इंतज़ार करते हैं। वो कहतें हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे तो फिर क्यों वो अपने नाम की सजाई महफ़िल में ज़िक्र मेरे नाम का करते हैं। वो कहतें हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे तो फिर क्यों हमारी यादों की डायरी वो सम्भाल कर रखते हैं। वो कहते हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे।"

वो कहतें हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे 
तो क्यों फिर जिन रास्तों सें हम गुजरते हैं
उन रास्तों पे वो इंतज़ार करते हैं।

वो कहतें हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे
तो फिर क्यों वो अपने नाम की सजाई 
महफ़िल में ज़िक्र मेरे नाम का करते हैं।

वो कहतें हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे
तो फिर क्यों हमारी यादों की डायरी वो
सम्भाल कर रखते हैं।

वो कहते हैं उन्हें प्यार नहीं हमसे।

#wokehtehai

90 Love
2 Share