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"ज़मीन पर कोई वजूद नही मेरा मैं परिंदों की तरह आसमान में उड़ने की फिराक में हूँ,, चाँद तारो में ढूंढ़ रही हूं शख्सियत अपनी मैं ज़िंदा लाश खाक में हूँ,,"

ज़मीन पर कोई वजूद नही मेरा
मैं परिंदों की तरह आसमान में उड़ने की फिराक में हूँ,,
चाँद तारो में ढूंढ़ रही हूं शख्सियत अपनी मैं ज़िंदा लाश खाक में हूँ,,

@manish kumar yadav @shiv virama @Aditya Kumar @Mohit Madhusudan# @aman6.1 aamil Qureshi

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"इस एक तरफा मोहब्बत को बेहिसाब रहने दो, हमे तुम कांटा रहने दो और उसे गुलाब रहने दो, ऐसी हकीकत का ही क्या वो ना मिले हकीकत में, उनसे कुछ ना कहो उन्हे बस एक ख्वाब रहने दो।।"

इस एक तरफा मोहब्बत को बेहिसाब रहने दो,
हमे तुम कांटा रहने दो और उसे गुलाब रहने दो,
ऐसी हकीकत का ही क्या वो ना मिले हकीकत में,
उनसे कुछ ना कहो उन्हे बस एक ख्वाब रहने दो।।

#Love #Shayari #poem #Quotes #शायरी #कविता #mohabbat #ishq #विचार #ektarfapyar

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" कितने राज़ ज़ेहन में छुपा कर रखती थी अब अल्फाज़ो में धीरे धीरे हो मैं फाश गयी हूँ, अपनी यादों में मेरा नाम लेता होगा वो की मैं अब बन उसके गले की खराश गयी हूँ, तारो की बरात में चांद ढूंढ़ता है वो मैं बन अब उसकी एक बेमतलब की तलाश गयी हूँ, कितनी शिद्दत से इंतज़ार करता है मेरा मैं उसकी ख्वाईशो का बन वो काश गयी हूँ, मेरे लिए कोई तुर्बत ले आओ कही से सांस है मगर सांस नही मैं बन वो लाश गयी हूँ, न ग़ालिब न गुलज़ार किसी किताब का मैं अपनी कहानियो का बन पाश गयी हूँ,, "

 कितने  राज़ ज़ेहन में छुपा कर रखती थी 
अब अल्फाज़ो में धीरे धीरे हो मैं फाश गयी हूँ,

अपनी यादों में मेरा नाम लेता होगा वो की
मैं अब बन उसके गले की खराश गयी हूँ,

तारो की बरात में चांद ढूंढ़ता है वो मैं बन 
अब उसकी एक बेमतलब की तलाश गयी हूँ,

कितनी शिद्दत से इंतज़ार करता है मेरा
मैं उसकी ख्वाईशो का बन वो काश गयी हूँ,

मेरे लिए कोई तुर्बत ले आओ कही से
सांस है मगर सांस नही मैं बन वो लाश गयी हूँ,

न ग़ालिब न गुलज़ार किसी किताब का
मैं अपनी कहानियो का बन पाश गयी हूँ,,

@aman6.1

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"तारो से रोशन हो तो जाता है फलक फिर जुगनुओ का टिमटिमाना ठीक नही, ज़ुल्फो को कंगी से जब संवार ही लिया था फिर यार के हाथों बिखर जाना ठीक नही, कदम उठा ही लिया था जब चलने को फिर बीच रास्ते से पीछे मुड़ जाना ठीक नही, इश्क़ है तो उसे निभाना सीखो सनम यूँ किसी की सुंदरता देख डगमगाना ठीक नही, आँखो में नमी रख लेना इतनी क्या नाराज़गी दुश्मन का जनाज़ा देख यूँ मुस्कराना ठीक नही, महोब्बत के चिराग बुझ गए फिर अंधेरो के शहर में सुखी सी दीवाली मनाना ठीक नही,"

तारो  से  रोशन  हो  तो  जाता  है  फलक
फिर जुगनुओ का टिमटिमाना ठीक  नही,

ज़ुल्फो को कंगी से जब संवार ही लिया था
फिर यार के हाथों  बिखर जाना ठीक  नही,

कदम  उठा  ही  लिया  था  जब  चलने  को
फिर बीच रास्ते से पीछे मुड़ जाना ठीक नही,

इश्क़  है  तो उसे  निभाना  सीखो  सनम यूँ 
किसी की सुंदरता देख डगमगाना ठीक नही,

आँखो में नमी रख लेना इतनी क्या  नाराज़गी
दुश्मन का जनाज़ा देख यूँ मुस्कराना ठीक नही,

महोब्बत के चिराग  बुझ गए फिर  अंधेरो  के 
शहर में सुखी  सी दीवाली मनाना  ठीक नही,

@k jassal @Ashfaq Asifa @aman6.1 @Neetu_$harmA❤POete$$✒ @Ankit Kumar @Mukeem Khan

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"आँखें छिल गई हैं दोनों की इस तलाश में, ये क्या सितम है कि हम कभी मिलें नहीं!!"

आँखें छिल गई हैं दोनों की इस तलाश में,
ये क्या सितम है कि हम कभी मिलें नहीं!!

सितम....
#इंतजार

#Hair

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