भूख न मेटे मेड़तो न मेटे नागौर। रजवट भूख अनौखडी मरयाँ मिटे चित्तोड़।। 23 अक्टूबर 1567 ई. में अक़बर ने चित्तोड़ पर हमला कर दिया कई माह तक संघर्ष चला 'जयमल' और पत्ता ने मुग़लों के छक्के छुड़ा दिए।अक़बर ने बारूद की बन्दूक से जयमल को घायल कर दिया लेकिन पत्ता ने उनको अपने कन्धे पर बिठाया और युद्ध क्षेत्र में चारों हाथ से तलवार चलाते शाहिद हो गए तब जाकर 25 फरबरी 1568 को अक़बर ने चित्तोड़ पर अधिकार करपाया। कहते हैं कि अक़बर "जयमल और पत्ता" की वीरता से इतना प्रभावित हुआ कि उनकी गजारूढ़ प्रतिमायें बनबाकर आगरा किले के मुख्यद्वार पर लगवाईं जिनको देखने का उल्लेख "फ्रांसीसी यात्री बर्नियर" ने अपने यात्रावृतांत *ट्रेवल इन दी मुग़ल एम्पायर* में किया है। 🙏😊 #पाठकपुराण #yqdidi #yqhindi #राजस्थान_के_इतिहास_की_झलकियाँ_1 4 चित्र - चित्तोड़गढ़ किले की दीवार के अंदर समाधेस्वर मन्दिर और रानी पद्मावती के "जौहर स्थल" के परिक्षेत्र का है। 😊☕