आग की तरह तुम भी एक आग जला देते हो जिस्म की नहीं एक लिहाज़ में अरमान जगा देते हो सितम थोड़ा कम कर ज़ालिम जुर्म पर जुर्मं करवा देते हो ज़माने भर की नज़रे हम पर क्यूं टीका देते हो विरासत में नाम मिला बस दर्ज़ क्यूं करवा देते हो आग बुझाने वाले की चिंगारी सुलगा देते हो हर्षिता की निगाहों में छिपा राज़ बता देते हो पहचान कुछ देर तक नक़ाब लगा देते हो ©️ जज़्बात ए हर्षिता शुभरात्रि लेखकों।😊 हमारे #rzhindi पोस्ट पर Collab करें और अपने शब्दों से अपने विचार व्यक्त करें । हमारा पिन किया गया पोस्ट ज़रूर पढ़ें🌸 #rzआगकीतरहतुमभी #yqrestzone #yqdidi yqrz #collabwithrestzone #restzone #YourQuoteAndMine Collaborating with Rest Zone