रात भर करता रहा तेरी तारीफ़ चाँद से चाँद इतना जल

रात भर करता रहा तेरी तारीफ़ चाँद से


चाँद इतना जला की सुबह तक सूरज हो गया! इसी यकीं पर हि #अंधेरों में सफर जारी है ।
मिल हि जायेंगे किसी रोज़ #उजाले मूझको।
रात भर करता रहा तेरी तारीफ़ चाँद से


चाँद इतना जला की सुबह तक सूरज हो गया! इसी यकीं पर हि #अंधेरों में सफर जारी है ।
मिल हि जायेंगे किसी रोज़ #उजाले मूझको।