Unsplash सुबह सुबह दीवार पर लगी घंटी का बजना चैन से जागने भी नहीं देती ख़लती है सुरज कि किरणों का खिड़की तक न आना मुर्गों , कौओं ओर चिड़ियों का न चहचहाना ©aarush #Book स्वरचित कविता hindi poetry