नशे के बाज़ार मे देखो कैसी बिकती है ज़िंदगी दम तोड रही है जवा दिलो कि धड़कन मज़ाक मज़ाक मै कहने वाले आज आदत से मजबूर हो गये है पल पल साँस के लिये मोहताज़ हो गये है. ©Shayari by Sanjay T #shayari #shayaribySanjayT