तेरे इश्क़ में मैं इसकदर गिरफ्तार हो जाऊं, तुझे पाक

तेरे इश्क़ में मैं इसकदर गिरफ्तार हो जाऊं,
तुझे पाकर मैं हवा से भी रफ्तार हो जाऊं,
मेरी तो तुझसे यही दुआ है रब इस माह-ए-रमज़ान में
की वो मेरी रोज़ा और मैं उनकी इफ्तार हो जाऊं।

©Sagar Raj Gupta #_वो_मेरी_रोज़ा_और_मैं_उनकी_इफ्तार_हो_जाऊं__By_Sagar_Raj_Gupta
#_मैं_दर्द_हूँ_
#_मैं_ही_दर्द_का_सागर_हूँ_
#_सागर_का_दर्द_
#_My_Shayari_is_my_life_
#_Sagar_the_king_of_words_
#_Sagar_the_Shayar_
#Sagar_Sir_Bettiah
तेरे इश्क़ में मैं इसकदर गिरफ्तार हो जाऊं,
तुझे पाकर मैं हवा से भी रफ्तार हो जाऊं,
मेरी तो तुझसे यही दुआ है रब इस माह-ए-रमज़ान में
की वो मेरी रोज़ा और मैं उनकी इफ्तार हो जाऊं।

©Sagar Raj Gupta #_वो_मेरी_रोज़ा_और_मैं_उनकी_इफ्तार_हो_जाऊं__By_Sagar_Raj_Gupta
#_मैं_दर्द_हूँ_
#_मैं_ही_दर्द_का_सागर_हूँ_
#_सागर_का_दर्द_
#_My_Shayari_is_my_life_
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#_Sagar_the_Shayar_
#Sagar_Sir_Bettiah