"मेरी रगों में जो बहता है" ✍️ आयुषी मेरी रगों में लहू नहीं, एक आग बहती है, जो हर बंधन को तोड़कर नई राह कहती है। ना किसी की मोहताज हूँ, ना किसी की छाया में जीती, मैं अपनी तक़दीर खुद लिखूँ, बस यही आरज़ू रखती। जो लफ्ज़ मेरे होंठों तक आए, वो मेरी पहचान बने, जो ख्वाब मेरी आँखों में उतरे, वो मेरा अरमान बने। मुझे मत बताओ, कहाँ रुकना है, कहाँ झुकना है, मैं हवा के रुख से नहीं, अपनी ज़िद से चलती हूँ। जो देखा नहीं किसी ने, वो कर दिखाने का इरादा है, मैं कोई आम कहानी नहीं, मैं खुद में एक इबादत हूँ। मेरी रगों में जो बहता है, वो बस लहू नहीं, वो एक जूनून है, जो नाम बनकर उभरने वाला है। — ✨ आयुषी ©Aayushi Patel #Thinking #MeriRagMe #DilSeLikha #ShayariLovers #HindiPoetry #PoetryWithSoul #KavitaKiDuniya #FeelTheWords #WriterLife