White इश्क एक ऐसा गुलाब है, यह जिसके हिस्से जाता है, वह उतना ही बौखलता है। फिर शीशे की तरह चूर2 हो जाता है और वह मुसाफिरों की तरह इर्द- गिर्द मारा फिरता है, यह जिसके हिस्से जाता है वह , मानुज गम में उतना ही मारा फिरता है। ©Nainsi Gupta #इश्क❤ की दास्तां