साथी नए मिलते रहेंगे, साथी बहुत छोड़ जाएंगे। कारवां जिंदगी का यूं ही चुपचाप चलता जाएगा। एक कारवां गुज़र गया... हिंदी गीत सम्राट और हिन्दी साहित्य के स्तंभ पद्म भूषण श्री गोपालदास नीरज जी आज हमारे बीच नहीं रहे। नीरज जी का देहांत हिंदी साहित्य के लिए कभी न भरने वाला घाव है। मेरा नाम जोकर, शर्मीली, प्रेम पुजारी जैसी फिल्मों को अपने गीतों से हिन्दी सिनेमा को अलग पहचान देने वाले नीरज जी ने हिंदी साहित्य के उत्थान व प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा संघर्ष, प्रेमगीत, विभावरी व नदी किनारे जैसे कितने काव्य संग्रह का लेखन किया, साथ ही उर्दू जगत में भी एक अनोखा स्थान स्थापित किया... #श्रद्धांजलि #गोपालदास_नीरज जी #rip #gopaldasneeraj ji