देखो दिनकर अपने घर को निकला, आसमान में पक्षियों का | हिंदी कविता

"देखो दिनकर अपने घर को निकला, आसमान में पक्षियों का टोला, लौटने को घर मानो उमड़ा मेला, धूप हो गई खत्म अब ठंडी हवा का बसेरा, लग गया चौपालों पर लोगों का रैला, रंग बिरंगी पतंगों ने आकाश को घेरा, ग्रहणीयों का सब्जी क्या बनाये फिर यही झमेला, वाहहह सूर्यास्त का समय अलबेला, कल लौट आने का कहकर सूरज चला अकेला, अब होगा आकाश में तारों का डेरा और होगा चांद की शीतलता का पहरा..."

देखो दिनकर अपने घर को निकला,
आसमान में पक्षियों का टोला,
लौटने को घर मानो उमड़ा मेला,
धूप हो गई खत्म अब ठंडी हवा का बसेरा,
लग गया चौपालों पर लोगों का रैला,
रंग बिरंगी पतंगों ने आकाश को घेरा,
ग्रहणीयों का सब्जी क्या बनाये फिर यही झमेला,
वाहहह सूर्यास्त का समय अलबेला,
कल लौट आने का कहकर सूरज चला अकेला,
अब होगा आकाश में तारों का डेरा
और होगा चांद की शीतलता का पहरा...

देखो दिनकर अपने घर को निकला, आसमान में पक्षियों का टोला, लौटने को घर मानो उमड़ा मेला, धूप हो गई खत्म अब ठंडी हवा का बसेरा, लग गया चौपालों पर लोगों का रैला, रंग बिरंगी पतंगों ने आकाश को घेरा, ग्रहणीयों का सब्जी क्या बनाये फिर यही झमेला, वाहहह सूर्यास्त का समय अलबेला, कल लौट आने का कहकर सूरज चला अकेला, अब होगा आकाश में तारों का डेरा और होगा चांद की शीतलता का पहरा...

#eveningtime
☺☺☺
#सांय #evening #Nojoto #nojotoapp #nojotothought #nojotohindi

People who shared love close

More like this