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वो श्याम रंग फिर भी अपनी मां का लाल था सुंदर ,शां

वो श्याम रंग
फिर भी अपनी मां का लाल था

सुंदर ,शांत ,भोली सी सूरत
पर असल रूप विकराल था

जो क्षण भर में कर देता 
महाभारत का युद्ध खत्म
वो एक साधारण सा ग्वाल था

जो पूरे जग की करे रखवाली
वो कभी माखनचोर नंदलाल था

जय श्री कृष्णा

©Sajan
  #नंदलाल