तेरी आँखों के सागर में, मुझे आज डूब जाने दे। खोकर आज तुझमें ही, मुझे सब भूल जाने दे। मैं ठहरा पागल आशिक़, तुझको ही चाहता हूँ। अपने बाँहों के घेरे में, तू मुझको आज आने दे। तेरी मनमोहक सूरत ये, मुझको ख़ूब रिझाती है। तेरी मदमस्त जवानी को, मुझको पास बुलाने दे। मुझको तेरी फ़िकर कितनी, तू भी तो जानती है। मेरी चाहत को तू क्यूँ, आख़िर नहीं पहचानती है। तेरी आँखों के दरिया को, मुझे आज पी जाने दे। तुझसे किया हर वादा, तू मुझको आज निभाने दे। ♥️ Challenge-802 #collabwithकोराकाग़ज़ ♥️ इस पोस्ट को हाईलाइट करना न भूलें :) ♥️ रचना लिखने के बाद इस पोस्ट पर Done काॅमेंट करें। ♥️ अन्य नियम एवं निर्देशों के लिए पिन पोस्ट 📌 पढ़ें।