Unsplash कब अहम था, असर मुहब्बत का अब न होगा, सफ़र मुहब्बत का जब सुना, टूटना सुना दिल का फिर न पनपा, शजर मुहब्बत का साल बीते, सितम सहे उसके पर न देखा, पहर मुहब्बत का अब ज़माना, कहाँ रहा यारों है न कोई, शहर मुहब्बत का मैं कहाँ तक, बयाँ करूँ क़िस्सा सब वहम था, 'नसर' मुहब्बत का ©Nasaruddin kab ahem tha asar mohabbat ka #lovelife shayari in hindi shayari love love shayari shayari on life motivational shayari #writer #Nasaruddin #Love #Life #Nojoto #mohabbat #Shayari