#_क्या शह पाओगे तुम_# कुछ पूछना था तुमसे क्या बताओगे तुम, जो निभा ना सके वफ़ा कभी मेरे साथ क्या कभी किसी और के हो जाओगे तुम , जो रातो की नींद उड़ा दी मेरी क्या कभी चेन से सो पाओगे तुम, में तो लिखता ही रहता हूं बेवफ़ाई तेरी क्या कभी मेरी वफ़ा लीख पाओगे तुम, बड़ी सिद्दत से तड़पाया है मुझको क्या कभी किसी और को तड़पाओ गी तुम, काश तुझे भी मिले कोई तेरे जैसा फिर देखेगे उसे क्या कह पाओगे तुम, अरे वो भी दिल तोड़े तेरा तेरी तरह फिर देखेगे क्या आशु बाहाओ गे तुम, फिर तू भी तड़पे मेरी याद में मेरी तरह फिर देखेगे क्या मेरे बिन रह पाओगे तुम, हर दुआ में मांगा था तुझे उस खुदा से एक बात बताओ क्या कभी मेरे हो जाओगे तुम, छोड़ो छोड़ो ये सारे गुस्से के लिए एक बात बताओ क्या कभी लौट के आओगे तुम, अगर तुम्हे लगता है तुमने गलती नहीं की तो फिर से आजाओ लौटके उतनी ही मोहबत करेंगे उतनी ही सिद्दत के साथ मगर इस बार धोका में दूंगा फिर देखेगे क्या शह पाओगे तुम, क्या शह पाओगे तुम।। 👺रावण👺 #Night