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मेरी शख्सियत मेरी मजबूरियों की इनायत है तकदीर बुलं

मेरी शख्सियत मेरी मजबूरियों की इनायत है
तकदीर बुलंद होती तो हम मेहबूब-ए-आलम होते #शख्सियत #बुलंद #मेहबूब 
मेहबूब-ए-आलम = हर दिल अज़ीज़
                          Dear to all
मेरी शख्सियत मेरी मजबूरियों की इनायत है
तकदीर बुलंद होती तो हम मेहबूब-ए-आलम होते #शख्सियत #बुलंद #मेहबूब 
मेहबूब-ए-आलम = हर दिल अज़ीज़
                          Dear to all