गुज़रते हैं, यार की गली से, उसकी एक सदा की ख़ातिर उसकी शफ़क़त की आस में हम, अपनी क़ज़ा की ख़ातिर। शफ़क़त-Compassion क़ज़ा-Destiny _Word_Collab_Challenge_ Collab करें मेरे साथ Urdu_Hindi Poetry आज का लफ्ज़ है "सदा" अब पहले की तरह एक विजेता नहीं बल्कि 3 विजेता चुना जाएगा,, जो सबसे पहला विजेता होगा उनको मैं अपने प्रोफाइल से testimonial करूंगा!