शादी है बर्बादी" बड़ा झनंझट है शादी में, मेरी मान | हिंदी कविता

""शादी है बर्बादी" बड़ा झनंझट है शादी में, मेरी मानो तो मत करना। हजारों गम का दरिया है, ये शादी इससे तुम डरना।। आजादी छीनकर सबकी, बनाती काठ का घोड़ा। सवार बनके पत्नी जी , लगती कोड़े पे कोड़ा।। मुझे भाता नहीं यारों, किसी भी एक जगह रुकना। मुझे अच्छा नहीं लगता, जॉब ख़ातिर यूँ भटकना।।"

"शादी है बर्बादी"

बड़ा झनंझट है शादी में,
मेरी मानो तो मत करना।
हजारों गम का दरिया है,
ये शादी इससे तुम डरना।।
आजादी छीनकर सबकी,
बनाती काठ का घोड़ा।
सवार बनके पत्नी जी ,
लगती कोड़े पे कोड़ा।।
मुझे भाता नहीं यारों,
किसी भी एक जगह रुकना।
मुझे अच्छा नहीं लगता,
जॉब ख़ातिर यूँ भटकना।।

"शादी है बर्बादी" बड़ा झनंझट है शादी में, मेरी मानो तो मत करना। हजारों गम का दरिया है, ये शादी इससे तुम डरना।। आजादी छीनकर सबकी, बनाती काठ का घोड़ा। सवार बनके पत्नी जी , लगती कोड़े पे कोड़ा।। मुझे भाता नहीं यारों, किसी भी एक जगह रुकना। मुझे अच्छा नहीं लगता, जॉब ख़ातिर यूँ भटकना।।

#मेरीकविताएँ #शादी_है_बर्बादी

People who shared love close

More like this