कथित कितने कथन मेरे, मुहब्बत की गवाही है मुहब्बत में कई कलमें , बनी यूं आज राही है कई बदनाम दुनिया में , जो अशरफ बने फिरते समझ पाए मुहब्बत को न , तो जीवन तवाही है ©Nandan mishra #मुक्तक #नंदन_मिश्र #nandanmishra #nojoto2021