White कस्ती चली बीच मझधार, ना सुलझी, ना अनसुलझी, बस, रेह गई, बीच, मझधार, दूर क्षितिज के पास, साहिल नजर आया, करीब पहुंचे तो, मृगजल नजर आया, भ्रम और भ्रमक्ता, जीवन की नैया, लाए बीच मझधार, दूर क्षितिज के उस पार, ©ADV.काव्या मझधार #sad_qoute #नोजोटोहिंदी #नोजोटोंराइटर्स #नोजोटोकविता