सत्य है शिव जी, शिव अविनाशी। गूंजे धरा में,, उज्जैन और काशी।। चंद्र जटा पर, उज्ज्वल प्रकाशित, गरल कंठ में, सबका निवासित। उमा संग विराजमान, धुर कैलाशी। सत्य है शिवजी,, शिव अविनाशी।। ©Satish Kumar Meena शिव अविनाशी