पल्लव की डायरी न्याय के तराजू पर दौलत हावी रुख इनके, कितना न्याय कर पायेंगे अन्याय का पक्ष जीत हासिल करले इनके जस्टिक, सवाल कितने छोड़ जायेगे कानून सबके लिये बराबर दुहाई दुनिया मे कैसे दे पायेंगे पंचायतों और खापों का मजाक बनाने वालों न्यायलयों का भरोसा जनता में कायम कर पाओगे भरोसे का पड़ा है अकाल आम आदमी की तरह इनके गुनाह भी न्याय के तराजू का वेलेन्स बना पाओगे इनके फैसलों से नजीर बनती है किया हिसाब किताब इनके जमीर का कोई कोलोजियम कर पायेंगे प्रवीण जैन पल्लव ©Praveen Jain "पल्लव" #justice न्याय के तराजू पर,दौलत हावी