White काश मैं लड़का होता मन की बातें मनवाता, ना किसी के ताने सुनता, मेरा भी अपना एक घर होता, काश मैं लड़का होता। शहर में कमाने जाता, इस दुनियां को मैं भी देखता, काश मैं लड़का होता। ख़ुशी अपनी एहसास कराता, अपना दुःख सबको बताता, भीतर ही भीतर ना रोना-धोना होता, काश मैं लड़का होता। ©Priyanka Poetry लड़का होता