न होता रावण तो कैसे समझते रामायण को, न करता अत्याचार रावण तो कैसे समझते राम के विजय को, न करता समाज संदेह सीता के पवित्रता पर, तो कैसे समझते उनके आत्मत्याग को l #happydusshehra #victoryofgoodoverevil.