नए शहर आया तो इल्म हुआ याद अपने जानी की अपने शहर कम सताती हैं तेरे बगैर मुझे चैन कैसे पड़ता हैं मेरे बगैर तुझे नींद कैसे आती हैं #जॉन साहब mix ©राहुल जाटू