Nojoto: Largest Storytelling Platform

सागर किनारे जो रेत भीगती है प्रेम में वो अक्सर लहर

सागर किनारे जो रेत भीगती है
प्रेम में वो अक्सर लहरों संग रोती है

दम तोड़ती है घुटती आवाज़ वीराने में
चीखों को कहाँ ज़िंदगी नसीब होती है

वो अक्सर याद आता रात के बीच पहर 
यादों के संग क्या ज़िंदगी गुज़र होती है

दूर तक जाती नज़र खाली लौट आती है
टूटे दिल की हालत समझ से परे होती है

हर एक आहट उसके आने की उम्मीद देती 
मोहब्बत में हार जाने पर हालत ऐसी होती है— % & Hello Resties! ❤️ 

Collab on this #rzpictureprompt and add your thoughts to it! 😊 

Highlight and share this beautiful post so no one misses it!😍 

Don't forget to check out our pinned post🥳
सागर किनारे जो रेत भीगती है
प्रेम में वो अक्सर लहरों संग रोती है

दम तोड़ती है घुटती आवाज़ वीराने में
चीखों को कहाँ ज़िंदगी नसीब होती है

वो अक्सर याद आता रात के बीच पहर 
यादों के संग क्या ज़िंदगी गुज़र होती है

दूर तक जाती नज़र खाली लौट आती है
टूटे दिल की हालत समझ से परे होती है

हर एक आहट उसके आने की उम्मीद देती 
मोहब्बत में हार जाने पर हालत ऐसी होती है— % & Hello Resties! ❤️ 

Collab on this #rzpictureprompt and add your thoughts to it! 😊 

Highlight and share this beautiful post so no one misses it!😍 

Don't forget to check out our pinned post🥳