कुछ दूर जाकर परछाई का भी साथ ना होगा कुछ दूर होकर पास कुछ पास होकर दूर सा होगा कहने को बहुत कुछ सीखा जा रहा है यही होगा हमें अपनी तलाश के लिए में शागिर्द भी बनाना होगा तो ज़िंदगी में मुश्किल भी आए तो हर रंग में ढालना होगा कोई खास कोई साथ बना रहे रिश्तों का नाम लेना होगा रहेंगे नही एक वक्त सबका ऐसा तो होना ही होगा फिर भी जीना तो है जिंदगी का फलसफा तय करना ही होगा ये जवानी से तैयारी शुरू होती बुढ़ापे की जिंदगी को कैसे जीना होगा हर्षिता हर बार कुछ सच ज़िंदगी का दिखाने की कोशिश में जुटना होगा दिखावे और हकीकत,के साथ वक्त का तकाज़ा कहे या बदल और बदलाव को हमे आमना सामना रखना होगा ♥️ Challenge-657 #collabwithकोराकाग़ज़ ♥️ इस पोस्ट को हाईलाइट करना न भूलें :) ♥️ रचना लिखने के बाद इस पोस्ट पर Done काॅमेंट करें। ♥️ अन्य नियम एवं निर्देशों के लिए पिन पोस्ट 📌 पढ़ें।