White कभी जुगनुओं की क़तारों में ढूंडा चमकते हुए चांद-तारों में ढूंडा ख़जाओं में ढूंडा, बहारों में ढूंडा मचलते हुए आबसारों में ढूंडा हक़ीकत में देखा, फंसाने में देखा न तुम सा हंसी, इस ज़माने देखा न दुनिया की रंगीन महफिल में पाया जो पाया तुम्हें अपना ही दिल में पाया एक ऐसी मसर्रत हो तुम... बहुत ख़ूब-सूरत हो तुम... (Tahir Faraz) ©Naved #Sad_Status shayari love hindi shayari