कैसे भूल जाऊँ मैं मेरे पीछे इतने वक़्त गवाया है आपने बाबा कैसे भूँलू मैं मेरे हर छोटे बड़े ख्वाबों को पंख लगाया है बाबा कैसे मैं छोड़ पाऊँगी, उँगली पकड़कर चलना सिखाया है बाबा नन्ही सी जान को सीने से लगाकर इतना बड़ा किया है बाबा देकर मुझे ढेरों शिक्षा ज्ञान, समझदार आपने बनाया है मुझे बाबा दुनियाँभर की ख़ुशी मेरे दामन में रख, ख़ुदके लिए कभी सोचा नहीं बाबा कितनी है आपमें सहनशीलता सारी उम्र मज़दूरों के जैसे कमाया और सौप दोगे किसी और को उसके आँगन को सजाने के लिए बाबा कितना बोझ लिए घूमते है मग़र आने ना देते शिकन एकपल को बाबा आज मुझे सभी प्यार करते हैं पर लगती है कमीं आपके प्यार के लिए बाबा मैं नहीं व्यक्त कर सकती ये मेरे गहरे एहसास बस जो भी हूँ आप ही तो है बाबा! 🌹नमस्ते लेखकों🙏🏼 💮दिये गये वालपेपर पर इच्छानुसार पंक्तियों पर Collab करें। कोलैब करने से पहले 📌पिन पोस्ट अवश्य पढ़ लें। 💮पोस्ट को हाईलाइट करना ना भूलें