विभिन्न रंगोसे तस्वीर मुक़म्मल हुई, ख्वाहिश-ए-दिलमें तबभी ख़लल हुई। दामन था पाक़, सिलवटे भी क़ुछ नटखट-सी, कतरा-ए-इश्क़, नीलाम-ए-तिफ्ल़ हुई ।Nidhi #विभिन्न #nanhikalam