रास्ते के अंत में निर्वात है, दूर तक फैली हुई बस र

रास्ते के अंत में निर्वात है,
दूर तक फैली हुई बस रात है,
नाउम्मीदी की कसक अब क्या कहें?
लब पे ठहरी आज तक एक बात है.!

©सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र #रास्ते #लब पे #ठहरी #एक #बात #Love #Trending #viral #स्वतंत्र #Nojoto
रास्ते के अंत में निर्वात है,
दूर तक फैली हुई बस रात है,
नाउम्मीदी की कसक अब क्या कहें?
लब पे ठहरी आज तक एक बात है.!

©सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र #रास्ते #लब पे #ठहरी #एक #बात #Love #Trending #viral #स्वतंत्र #Nojoto