"दिल पत्थर और जुबां पर गाली। मै..." Poetry By राघवेंद्र ‛राज’ | Nojoto

दिल पत्थर और जुबां पर गाली। मैं अब नही सह सकता ये बदहाली।#Raj दिल पत्थर और जुबां पर गाली। मैं अब नही सह सकता ये बदहाली।. Follow राघवेंद्र ‛राज’. Download Nojoto App to get real time updates about राघवेंद्र ‛राज’ & be part of World's Largest Creative Community to share Writing, Poetry, Quotes, Art, Painting, Music, Singing, and Photography; A Creative expression platform. Poetry By राघवेंद्र ‛राज’ | Nojoto Poetry on Poetry, Raj. Poetry Poetry, Raj Poetry

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3 months ago

दिल पत्थर और जुबां पर गाली।
मैं अब नही सह सकता ये बदहाली।

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मैं अब नही सह सकता ये बदहाली।#Raj
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