"जीवन जुलसें या हृदय जले, या फ..." Poetry By Sumit Upadhyay | Nojoto

जीवन जुलसें या हृदय जले, या फिर चीखों से कंठ गले, सीने में चाहे धुन्ध पले, सिद्धान्त रहे न कभी टले ।। सुमित उपाध्याय जीवन जुलसें या हृदय जले, या फिर चीखों से कंठ गले, सीने में चाहे धुन्ध पले, सिद्धान्त रहे न कभी टले ।। सुमित उपाध्याय #principle #सिद्धांत #sumitupadhyay. Follow Sumit Upadhyay. Download Nojoto App to get real time updates about Sumit Upadhyay & be part of World's Largest Creative Community to share Writing, Poetry, Quotes, Art, Painting, Music, Singing, and Photography; A Creative expression platform. Poetry By Sumit Upadhyay | Nojoto Poetry on Poetry, principle, sumitupadhyay, सिद्धांत. Poetry Poetry, principle Poetry, sumitupadhyay Poetry, सिद्धांत Poetry

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3 months ago

जीवन जुलसें या हृदय जले,
या फिर चीखों से कंठ गले,
सीने में चाहे धुन्ध पले,
सिद्धान्त रहे न कभी टले ।।
सुमित उपाध्याय
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जीवन जुलसें या हृदय जले,
 या फिर चीखों से कंठ गले,
 सीने में चाहे धुन्ध पले,
सिद्धान्त रहे न कभी टले ।।
 सुमित उपाध्याय

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Sumit Upadhyay

Written By : Sumit Upadhyay

मिट्टी का तन मस्ती का मन क्षण भर जीवन मेरा परिचय

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