White मैं टूटा बिखरा खण्डहर मकाँ, ख़्वाहिशों को छोड़ चला..! मेरा हिस्सा है तू कैसे कहूँ, अब कफ़न यूँ ओढ़ चला..! नफ़रतों का नभ कैसे और क्यों, अपनों के प्रति ही जोड़ चला..! औरों को खुश करते करते, मैं अपना दिल ही तोड़ चला..! भागता रहा वज़ूद से ख़ुद के, मौज़ूदगी देख सभी की दौड़ चला..! मुस्कराहट लेकर चलने वाला, रिश्ते नातों से मुँह मोड़ चला..! ©SHIVA KANT(Shayar) #sad_quotes #chhodchala