कांटा बेवजह परेशान हो गया गुलाब उड़ चला भौरे के संग पत्तियों को अब गुमान हो गया टिक ना सका ये भी दौर पतझड़ में सब दफा हो गया काँटा अब भी हिफाजत कर रहा है उस जमीं की जिसका इसके बरस से पहले बरस.. था.. आसमां हो गया .. ©Yash Verma #Throne #fareb #navodayan #Hindi #Bawara