White बेमौत जिंदगी क्यूं मरी? आसान मौत थी हर घड़ी। कोई गुमसुम रहे आप में, मौत ही तो जैसे छाप में, आ गले आप लगे मापने, फर्क है,बस पायें भांपने, कांपती रूह भी सिरफिरी। ©BANDHETIYA OFFICIAL #Thinking #मौत बेमौत क्यूं? शायरी दर्द शायरी वीडियो शायरी हिंदी दोस्ती शायरी 'दर्द भरी शायरी'