दावत-ए-क़लम से हमारी हौसला अफजाई का अच्छा बहाना है। इरादा तो आपका हम जैसे लेखकों की लेखनी में निखार लाना है। कोशिश करेंगे कि आपके मंच को लेखनी से चार चाँद लगा दे हम, भूल-चूक, गलतियों को हमारी आप को ही हमको सही बतलाना है। रखनी है ना दिल मे बैर और द्वेष की भावना सबको ही साथ रखना है, मंच की गरिमा के साथ-साथ एक दूजे के दिल में भी स्थान बनाना है। नमस्कार लेखकगण, अपने वादानुसार आ गए हम अपनी प्रथम चुनौती लेकर। सभी नियमों का पालन कर रचना लिखने वाले सर्वश्रेष्ठ रचनाकारों को प्रशस्ति पत्र दिए जाएंँगे।🙏 आज का विषय है : दावत-ए-क़लम अनु शीर्षक में नियमों को ध्यान पूर्वक पढ़ लें। १: कोई पंक्ति सीमा नहीं है 🙏