Nojoto: Largest Storytelling Platform

White मिट रही विभावरी, प्राण निकलता जा रहा है खेद

White मिट रही विभावरी, प्राण निकलता जा रहा
है खेद औ विपदा कैसी,विहान उगता आ रहा
जिजीविषा जगी, कर रही श्रृंगार प्रकृति का
हस्तलकीरें बनी है जैसे दे रही संदेश सुख का
सुखद क्षण आएगा, कर्ण में अलि गीत गा रहा

©Shilpa Yadav #Sad_Status #Shilpayadav#shilpayadavpoetry #nojotohindi#nojotoenglish#nojotohindiquotes ANOOP PANDEY shivom upadhyay Vishalkumar "Vishal" Parul (kiran)Yadav vineetapanchal poonam atrey
 मिट रही विभावरी, प्राण निकलता जा रहा
है खेद औ विपदा कैसी,विहान उगता आ रहा
जिजीविषा जगी, कर रही श्रृंगार प्रकृति का
हस्तलकीरें बनी है जैसे दे रही संदेश सुख का
सुखद क्षण आएगा, कर्ण में अलि गीत गा रहा
shilpayadav7907

Shilpa Yadav

Bronze Star
Growing Creator
streak icon1

#Sad_Status #shilpayadav#shilpayadavpoetry #nojotohindi#nojotoenglish#nojotohindiquotes ANOOP PANDEY shivom upadhyay Vishalkumar "Vishal" Parul (kiran)Yadav vineetapanchal poonam atrey मिट रही विभावरी, प्राण निकलता जा रहा है खेद औ विपदा कैसी,विहान उगता आ रहा जिजीविषा जगी, कर रही श्रृंगार प्रकृति का हस्तलकीरें बनी है जैसे दे रही संदेश सुख का सुखद क्षण आएगा, कर्ण में अलि गीत गा रहा

1,269 Views