जन्म उज्जैन में हो मेरा, ओंकारेश्वर में मैं पल जाऊं.. खेल खेलूं नागेश्वर के साथ, सोमनाथ सा ढल जाऊं !! त्रयंबकेश्वर से शिक्षा मिले, भीमाशंकर सा बल पाऊं.. घृष्णेश्वर से मुझे ज्ञान मिले, मल्लिकार्जुन के चरण पकड़ कर तर जाऊं... रामेश्वर से मुझे राम मिले और वैद्यनाथ से विजय पाऊ हो केदारनाथ में दिन आखिरी, और काशी में मैं मर जाऊं..!! ©3 Little Hearts #mahashivaratri