मैं जब कभी भी उसके पास आना चाहता था,, वो मुझसे दूर उसी वक्त जाना चाहता था।। वो मुझे रोज बता देती थी चाह अपनी,, मैं ना चाह कर भी उसे सब दिलाना चाहता था।। वो मेरी आंख में आंसू न आने देती थी,, मगर मैं दरिया-ए-गम बहाना चाहता था मुझे कुबूल है वो जिस किसी के साथ रहे,, बस मरने से पहले उसको पाना चाहता था।। हम कभी एक हो नही सकते थे पागल,, मैं तो ये सारी बातें भूल जाना चाहता था।। वो अपना सर बेफिक्र बाज़ू पर रखती,, मैं उसके बालो में उंगली फिराना चाहता था।। उसके हर हुक्म से पहले होता सब हाजिर,, खुद को उसके इशारों पर नचाना चाहता था।। तू मेरी मय्यत पे आए लाल जोड़े में,, हां कुछ ऐसा तेरा शायरदीवाना चाहता था।। #शायरदीवाना😭😭😭 ©Piyush Bansal (Shayardeewana)😊 मय्यत -#शायरदीवाना😭😭 #Thoughts