ख्वाबों में तेरे खोया रहता है मेरा दिल, चाहत है तू मेरे दिल की बताएँ भी तो कैसे, तेरे बिना कटते नहीं है मेरे दिन और रात, तुझ बिन भला हम चैन पाएँ भी तो कैसे। तेरी ही सूरत नजर आती है मुझको हर सू, तू बन गई है मेरी जान छुपाएँ भी तो कैसे, तेरी दोस्ती को हमने चाहत समझ कर अपनी जिंदगी बना ली ये कहूंँ भी तो कैसे। हर पल याद आते हैं मुझको तेरे संग बिताए, वो सुनहरे हसीं पल उनको भुलाएँ भी तो कैसे, रूठा हुआ है तू जाने किस बात पर मानता नहीं तू ही बता दे मुझ तुझको मनाएँ भी तो कैसे। ♥️ Challenge-615 #collabwithकोराकाग़ज़ ♥️ इस पोस्ट को हाईलाइट करना न भूलें :) ♥️ विषय को अपने शब्दों से सजाइए। ♥️ रचना लिखने के बाद इस पोस्ट पर Done काॅमेंट करें।