महाकाल की भस्म बनूँ , ओकांर की गूँज हो जाऊँ , सोमनाथ के सागर जैसा हर बंधन से मुक्त हो जाऊँ , भीमाशंकर के वन में गूंजूं , बैद्यनाथ के शरण में झुकूं , त्रयम्बकेश्वर की गंगा बन हर जीवन को पावन करूँ , केदार के हिम शिखरों पर , निश्चल एक ध्यान बनूँ , रामेश्वर की राह पकड़ , सत्य का संधान बनूँ , नागेश्वर के कंठ में उतर , हलाहल सा धैर्य धरूं , घृष्णेश्वर के दीप समान , अंधकार में प्रकाश भरूँ, मल्लिकार्जुन के शिखर चढूं भाक्ति का अभिषेक करूँ , हर क्षण मे शिव को साधकर ज्योतिर्मय विवेक धरूं , विश्वनाथ के चरणों में देह मन का भेद मिटे बारह ज्योतिर्लिंगों की राह चलूँ और शिव में लीन हो जाऊँ 🙏🙏महादेव🙏🙏 ©ᴍʀ.x {**श्री राधा **} B͜͡h͜͡a͜͡n͜͡u͜͡ K͜͡a͜͡u͜͡s͜͡h͜͡a͜͡l͜͡