गरमागरम चाय नहीं मानती दोस्त या दुश्मन .... नहीं मानती हमरा तुमरा जात या धरम ...…. नई ऊर्जा पाती है गहरी चुस्की में ...… होठ को पका पका कर…..... पोर पोर में घुस कर ......... एक तलब मन प्रीत सी लगती है .... प्रेमिका की चुम्बन होना चाहती है ...... 🤔निशीथ🤔 ©Nisheeth pandey गरमागरम चाय नहीं मानती दोस्त या दुश्मन .... नहीं मानती हमरा तुमरा जात या धरम ...…. नई ऊर्जा पाती है गहरी चुस्की में ...… होठ को पका पका कर….....